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Suraj Kumar Goel

Suraj Kumar Goel

आपने कभी कठपुतलियोँ के प्रोग्राम देखे हैं ??? कुछ तो देखे हैं और कुछ नही ।

 

यहाँ तो मेलोँ, त्योहारोँ तथा अन्य अवसरोँ पर भी कठपुतलियोँ द्वारा लोगोँ का मनोरंजन किया जाता है। ये कठपुतली जिन्दा नही होती है, लकड़ी की बनी होती है ।

 

क्या कभी आपने जिन्दा कठपुतली का शो देखा है ? जी हाँ विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र भारतवर्ष की कठपुतली, या यूं कहिए सोनिया की कठपुतली । आप कहेंगे इसमे खास क्या है ? अजी ये जिन्दा कठपुतली है, जो बोलना नही जानता और  कठपुतली का रोल अदा कर रहा है।

 

आपने कठपुतलियोँ के प्रोग्राम मे सब कुछ देखा होगा, लेकिन अब किसी कठपुतली को प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठे हुए देखिए ।

 

एक खास बात और कि इसके बाकी के मंत्री अपनी मर्जी से नौटँकी करके शो के आईटम्स मेँ ईजाफा कर रहे है। अनेकोँ तो बड़े बड़े लुटेरोँ और घोटालेबाजोँ की नौटकी कर चुके हैं..! वह भी सरेआम बड़े ठाट और पूरी होशोहवार से। एक कलमाड़ी ने तो खेल खेल मे ही देश के सैँकड़ोँ करोड़ रुपयोँ पर ही हाथ साफ कर दिया । अब तो कोयले की दलाली मे भी देश को पौने दो लाख करोड़ का चूना लगा दिया ।

 

हमारे कठपुतली प्रधानमंत्री चुप रहते है , आप पूछेंगे क्यो ? क्योँकि….! अरे भाई, उनकी डोर किसी और मैडम के हाथ में होती है और इसे सारा देश जानता है।

 

जहां पूरा देश सरकार के अंदर से आ रही भ्रष्टाचार की खबरों से परेशान है वहीं केन्द्र सरकार 2014 के आम चुनाव को देखते हुए राजनीतिक नफा-नुकसान देख रही है. आम चुनाव से पहले सरकार की पूरी कोशिश है कि कैसे भी उन वोटरों को जो भ्रष्ट नीति की वजह से उसके खिलाफ हो चुके हैं उन्हे अपने पक्ष में किया जाए. इसी बात को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सरकारी नौकरियों में पदोन्नति में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजातियों को आरक्षण देने के प्रावधान वाले प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है.

 

यूपीए वालो का तो सब कुछ ही काला है , बस बाहर से झक सफेद का आवरण है।