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Suraj Kumar Goel

Suraj Kumar Goel

देश में इन दिनों सरकार के एक फैसले की वजह से करोड़ों खुदरा व्यापारियों और किसानों की सांस अटकी हुई है। FDI को लेकर जोर शोर से हंगामे हो रहे है। कोई कहता है FDI आम खुदरा व्यापारियों के लिए जोखिम भरा है तो कुछ की राय में FDI से देश को बहुत ज्यादा फायदा होगा, पर मैं यहाँ पे लाभ हानि के अपने बिचार रख रहा हूँ।

 

क्या है FDI :- FDI का अर्थ होता है प्रत्यक्ष विदेशी निवेश, मतलब कि किसी एक देश की कंपनी का दूसरे देश में किया गया निवेश प्रत्यक्ष विदेशी कहलाता है जिसे FDI (Foreign Direct Investment) कहते हैं। ऐसे निवेश से निवेशकों को दूसरे देश की उस कंपनी के प्रबंधन में कुछ हिस्सा हासिल हो जाता है जिसमें उसका पैसा लगता है।

 

सरकार ने तीन क्षेत्रों में FDI को मंजूरी दी है,:
1. बहुब्रांड खुदरा कारोबार में 51 % FDI
2. घरेलू विमानन कम्पनियों में विदेशी विमानन कम्पनियों की अधिकतम 49 % FDI
3. प्रसारण सेवा उद्योग की विभिन्न गतिविधियों में FDI को 74 % तक की हिस्सेदारी

 

बहुब्रांड खुदरा कारोबार में FDI तभी लागू होगा जब राज्य सरकार इसे मंजूरी देगा। राज्य सरकार की मंजूरी के बाद ही विदेशी कंपनियों को मल्टी ब्रांड रिटेल स्टोर खोलने की अनुमति मिलेगी।

मल्टी ब्रांड रिटेल स्टोर 10 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों में ही खोले जा सकेंगे और विदेशी कंपनियों को कम से कम 10 करोड़ डॉलर का निवेश करना होगा। किसी भी देश की अर्थव्यवस्था अच्छी तभी हो सकती है जब वो अपनी मुद्रा दुसरे देशों में न जाने दे और दुसरे देशो की मुद्रा अपने देश में लाये। निवेश आने से रूपए की खस्ता हालत में भी सुधार होगा।
FDI का समर्थन करने वालों का तर्क है कि जब रिलायंस जैसी देश की बड़ी कंपनी ने उपभोक्ता बाजार में घुसपैठ की थी तो उसका भी विरोध हुआ था, लेकिन आज बाजार में कहीं उसका असर नजर नहीं आता।
कंप्यूटराइजेशन के समय भी देशभर में विरोध हुआ था, लेकिन आज वही कंप्यूटर हर एक की जरूरत बन गया है और इन दोनों ने देश को लाखों रोजगार उपलब्ध कराए हैं।

फायदा:-  माना जा रहा है कि इस कदम से पूरे देश में सामान की कीमतों में एकरूपता आएगी। लाखों लोगों को रोजगार भी मिलेगा। युवाओं को अलग तरह का प्रशिक्षण मिलेगा और उनके लिए संभावनाओं के नए द्वार खुलेंगे।
नुकसान:- जिन रोजगार की बात सरकार कर रही है वह है सेल्समैन और सेल्सगर्ल की। अगर एफडीआई लागू होता है तो भारत सेल्समैन और सेल्सगर्ल का देश बनकर रह जाएगा।

 

फायदा:- FDI के आने से विदेशी कंपनियों को कम से कम तीस प्रतिशत कच्चा माल भारतीय किसानों से ही खरीदना होगा, जिससे किसानों की स्थिति सुधरेगी।
नुकसान:- सप्लाई चेन में विदेशी कंपनियों के दबदबे से किसानों को पूरी कीमत मिलने की राह में दुविधा होगी। क्वालिटी चेक और सर्टिफिकेशन के नाम पर उनका जमकर शोषण किया जाएगा।

 

फायदा:- FDI का सर्वाधिक फायदा यह होगा कि बिचौलिये खत्म हो जाएंगे। बीच में कमीशन खाने वालों की छुट्टी हो जाएगी, जिससे उपभोक्ताओं को सस्ते दर पर सामान मिलेगा। कच्चा उत्पाद किसान के पास से सीधा कंपनी के पास पहुंचेगा। इससे किसानों और कंपनी दोनों को उचित लाभ मिलेगा।
नुकसान:- जब भी कोई विदेशी कंपनी किसी दूसरे देश के खुदरा व्यापार में आती है और वहां अपना दबदबा बनाती है तो वह वहां साधनों का विकल्प बहुत कम कर देती है, इससे उपभोक्ताओं के विकल्प सीमित हो जाएंगे।

 

अब तो यह आने वाला समय ही बताएगा कि FDI देश के लिए फायदे का सौदा साबित होगा या यह देश को आर्थिक गुलामी की तरफ बढ़ाएगा। आपकी क्या राय है